कर्मकर्म एवं जीविका28 अध्याय · 34 पृष्ठ
कर्म के बारे में कुंडली क्या कहती है।
दशम भाव, उसका स्वामी और कर्मेश की स्थिति — किस दिशा का काम अनुकूल है, कब बदलाव का समय है, और स्वतंत्र काम बनाम नौकरी में कुंडली किसकी ओर झुकती है।
- हर दोष का अपना अध्यायएक लाइन का फ़ैसला नहीं
- तीव्रता 0–100 पर आँकी हुईसिर्फ़ हाँ या ना नहीं
- रिपोर्ट से कुछ भी पूछिएआपकी अपनी कुंडली से जवाब
- हिन्दी या अंग्रेज़ीपूरी तरह देवनागरी में
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अपनी रिपोर्ट से कुछ भी पूछिए
28 अध्यायों की किताब एक साथ याद रखना आसान नहीं। तैयार होने के बाद अपनी भाषा में पूछिए — जवाब आपके अपने अध्यायों से आएगा, हिन्दी या अंग्रेज़ी में, जितनी बार चाहें, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के।
astropothi क्यों
कुंडली वही है। किताब वही नहीं।
हर सेवा उसी गणित से वही कुंडली बनाती है। फ़र्क़ इसमें है कि आपके हाथ में आख़िर आता क्या है।
“आम रिपोर्ट” से मतलब उन बड़ी भारतीय ज्योतिष सेवाओं से है जो इसी क़ीमत पर बिकती हैं। ख़रीदने से पहले ख़ुद तुलना कीजिए — ऊपर की झलक मुफ़्त है।
गणना से, नक़ल से नहीं
नौ ग्रह।
एक ही गणित।
आपकी किताब की हर बात — हर राशि, भाव, तिथि और अंक — आपकी अपनी कुंडली से गणना करके निकाली जाती है। उसके आस-पास की व्याख्या सरल भाषा में लिखी जाती है, और वह कोई ऐसी स्थिति नहीं जोड़ सकती जो गणना में मिली ही न हो।
- निरयण, लाहिड़ी
- चित्रपक्ष अयनांश, मानक मान से 2.3 आर्कसेकंड के भीतर।
- 480 जाँचें
- हर कुंडली परखी जाती है: राहु-केतु ठीक 180° पर, दशाओं का योग 120 वर्ष, अष्टकवर्ग का योग 337।
- आपका मिनट, सिर्फ़ दिन नहीं
- लग्न हर दो घंटे में पूरी राशि बदल देता है। हम वही जन्म समय लेते हैं जो आप देते हैं।
- पहले तथ्य, फिर सरल भाषा
- कुंडली गणित है, अनुमान कभी नहीं। उसका अर्थ ऐसी भाषा में समझाया जाता है जो कोई भी पढ़ सके — और जाँचा जाता है, ताकि वह सिर्फ़ वही समझा सके जो गणना में निकला।
भीतर क्या है
पूरे 28 अध्याय।
यह असली अनुक्रम है, उसका सार नहीं। हर अध्याय आपकी अपनी ग्रह-स्थिति से लिखा जाता है।
- 01इस रिपोर्ट के विषय में
- 02जन्म के समय आपकी कुंडली
- 03दशम भाव — आपका कर्म भाव
- 04आपके दशम भाव का स्वामी
- 05शनि — कर्म का कारक
- 06सूर्य — अधिकार और प्रतिष्ठा
- 07बुध — व्यापार, कौशल और वाणी
- 08गुरु — परामर्श, विद्या और वृद्धि
- 09द्वितीय भाव — आपकी आय और संचय
- 10षष्ठ भाव — सेवा, प्रतिस्पर्धा और नौकरी
- 11सप्तम भाव — व्यापार और साझेदारी
- 12एकादश भाव — लाभ, संपर्क और महत्वाकांक्षा
- 13तृतीय भाव — पराक्रम, प्रयास और साहस
- 14दशमांश (D10) — कर्म की कुंडली
यह रिपोर्ट किसके लिए है?
Someone at a fork — job or their own thing, staying or moving — who wants to know what their chart already says about how they earn.
इस रिपोर्ट से जुड़े सवाल
- It reads the significations: the 10th house and its lord, the four grahas that signify livelihood, the Dashamsha read for work alone, and your Amatyakaraka. It describes the shape of the work the chart points to rather than printing a job title.
- It answers from the signals it finds, and prints each signal so you can see what the answer was built from.
कुंडली कैसे गणना होती है: पद्धति · बाक़ी रिपोर्ट
कर्म
आपकी कुंडली, पूरी लिखी हुई।
बस जन्म की तारीख़, समय और स्थान चाहिए।
पसंद न आए तो 100% रिफ़ंड, बिना कोई सवाल।
