नक्षत्र स्वामी सूची

अंतिम अपडेट

हर नक्षत्र का स्वामी नौ ग्रहों में से एक है, और ये नौ विंशोत्तरी क्रम में सत्ताईस की सूची में तीन बार दोहराए जाते हैं — केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि, बुध। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, पहली महादशा उसी की चलती है — इसीलिए यह तालिका केवल एक नाम नहीं है।

समूह के अनुसार

हर नक्षत्र विस्तार से

क्र.नक्षत्रस्वामी ग्रहविस्तार
1अश्विनीकेतु0° – 13.33°
2भरणीशुक्र13.33° – 26.67°
3कृत्तिकासूर्य26.67° – 40°
4रोहिणीचंद्र40° – 53.33°
5मृगशिरामंगल53.33° – 66.67°
6आर्द्राराहु66.67° – 80°
7पुनर्वसुगुरु80° – 93.33°
8पुष्यशनि93.33° – 106.67°
9आश्लेषाबुध106.67° – 120°
10मघाकेतु120° – 133.33°
11पूर्व फाल्गुनीशुक्र133.33° – 146.67°
12उत्तर फाल्गुनीसूर्य146.67° – 160°
13हस्तचंद्र160° – 173.33°
14चित्रामंगल173.33° – 186.67°
15स्वातिराहु186.67° – 200°
16विशाखागुरु200° – 213.33°
17अनुराधाशनि213.33° – 226.67°
18ज्येष्ठाबुध226.67° – 240°
19मूलकेतु240° – 253.33°
20पूर्वाषाढ़ाशुक्र253.33° – 266.67°
21उत्तराषाढ़ासूर्य266.67° – 280°
22श्रवणचंद्र280° – 293.33°
23धनिष्ठामंगल293.33° – 306.67°
24शतभिषाराहु306.67° – 320°
25पूर्व भाद्रपदगुरु320° – 333.33°
26उत्तर भाद्रपदशनि333.33° – 346.67°
27रेवतीबुध346.67° – 360°

नौ ग्रह तय क्रम में दोहराए जाते हैं, इसलिए नौ के अंतर वाले नक्षत्रों का स्वामी एक ही होता है — अश्विनी, मघा और मूल, तीनों का स्वामी केतु है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुल कितने नक्षत्र हैं?
सत्ताईस। राशिचक्र के 360° को सत्ताईस बराबर भागों में बाँटा जाता है, इसलिए हर नक्षत्र 13°20' का होता है।
स्वामी ग्रह कितने प्रकार की होती है?
9 — केतु (3), शुक्र (3), सूर्य (3), चंद्र (3), मंगल (3), राहु (3), गुरु (3), शनि (3), बुध (3)।
मुझे अपना नक्षत्र कैसे पता चलेगा?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वही आपका नक्षत्र है। चंद्रमा लगभग एक दिन में नक्षत्र बदलता है और पाद छह घंटे में, इसलिए यह जन्म की तारीख, समय और स्थान से ही निकलता है — अनुमान से नहीं।

आपका नक्षत्र कौन-सा है?

चंद्रमा लगभग एक दिन में नक्षत्र बदल देता है, इसलिए यह जन्म की तारीख, समय और स्थान से ही पता चलता है। एक क्षण में निकल आता है।

बाकी तालिकाएँ