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चौघड़िया — दिन के आठ भाग
दिन आठ भागों में बँटता है और रात भी आठ में, और हर भाग या तो कुछ आरंभ करने योग्य है या बीत जाने देने योग्य। आपके अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना।
सोमवार, 05 अक्टूबर 2026
अभी चल रहा
चर
शाम 6:02 – 7:34
किसके लिएचलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
इस दिन के सभी चौघड़िया
- अमृतसुबह 6:16 – 7:44दिन
आठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
- कालसुबह 7:44 – 9:12दिन
बचें। इसमें आरंभ किया धन-कार्य जुड़ता नहीं, बिखरता है।
- शुभसुबह 9:12 – 10:41दिन
मंगल कार्यों एवं विवाह-संबंधी हर काम के लिए शुभ — सगाई, विवाह की तैयारी, दूसरे पक्ष से भेंट।
- रोगसुबह 10:41 – दोपहर 12:09दिन
बचें। इसमें आरंभ किया कुछ भी टिकता नहीं माना गया — विशेषकर स्वास्थ्य से जुड़ा।
- उद्वेगदोपहर 12:09 – 1:37दिन
अशांत। सरकारी एवं दफ़्तरी काम इसी में, और उसके सिवा कुछ नहीं।
- चरदोपहर 1:37 – 3:06दिन
चलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
- लाभदोपहर 3:06 – शाम 4:34दिन
लाभ के लिए: व्यापार, नया उद्यम, बकाया माँगना, कुछ नया सीखना आरंभ करना।
- अमृतशाम 4:34 – 6:02दिन
आठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
- चरशाम 6:02 – 7:34रात
चलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
- रोगशाम 7:34 – रात 9:06रात
बचें। इसमें आरंभ किया कुछ भी टिकता नहीं माना गया — विशेषकर स्वास्थ्य से जुड़ा।
- कालरात 9:06 – 10:37रात
बचें। इसमें आरंभ किया धन-कार्य जुड़ता नहीं, बिखरता है।
- लाभरात 10:37 – 12:09रात
लाभ के लिए: व्यापार, नया उद्यम, बकाया माँगना, कुछ नया सीखना आरंभ करना।
- उद्वेगरात 12:09 – 1:41रात
अशांत। सरकारी एवं दफ़्तरी काम इसी में, और उसके सिवा कुछ नहीं।
- शुभरात 1:41 – 3:13रात
मंगल कार्यों एवं विवाह-संबंधी हर काम के लिए शुभ — सगाई, विवाह की तैयारी, दूसरे पक्ष से भेंट।
- अमृतरात 3:13 – सुबह 4:44रात
आठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
- चरसुबह 4:44 – 6:16रात
चलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
यह कैसे निकाला गया
- सूर्योदय
- सुबह 6:16
- सूर्यास्त
- शाम 6:02
- अगला सूर्योदय
- सुबह 6:16
- दिन का स्वामी
- चंद्र
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का उजाला आठ बराबर भागों में — इस दिन प्रत्येक 88 मिनट का — और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात आठ में, प्रत्येक 92 मिनट। दोनों की लंबाई अलग है क्योंकि दिन और रात अलग हैं। कौन-सा भाग किस नाम का होगा, यह वार से तय होता है।
दिल्ली के लिए गणना — अपने सूर्योदय के लिए स्थान की अनुमति दें · Asia/Kolkata
यह आज का आकाश है। आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है?
वही गणना आपके जन्म-क्षण पर — हर भाव, हर ग्रह, हर दशा तिथियों सहित।
