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चौघड़िया — दिन के आठ भाग
दिन आठ भागों में बँटता है और रात भी आठ में, और हर भाग या तो कुछ आरंभ करने योग्य है या बीत जाने देने योग्य। आपके अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना।
रविवार, 30 अगस्त 2026
अभी चल रहा
अमृत
रात 8:09 – 9:33
किसके लिएआठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
इस दिन के सभी चौघड़िया
- उद्वेगसुबह 5:58 – 7:34दिन
अशांत। सरकारी एवं दफ़्तरी काम इसी में, और उसके सिवा कुछ नहीं।
- चरसुबह 7:34 – 9:09दिन
चलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
- लाभसुबह 9:09 – 10:45दिन
लाभ के लिए: व्यापार, नया उद्यम, बकाया माँगना, कुछ नया सीखना आरंभ करना।
- अमृतसुबह 10:45 – दोपहर 12:21दिन
आठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
- कालदोपहर 12:21 – 1:57दिन
बचें। इसमें आरंभ किया धन-कार्य जुड़ता नहीं, बिखरता है।
- शुभदोपहर 1:57 – 3:33दिन
मंगल कार्यों एवं विवाह-संबंधी हर काम के लिए शुभ — सगाई, विवाह की तैयारी, दूसरे पक्ष से भेंट।
- रोगदोपहर 3:33 – शाम 5:09दिन
बचें। इसमें आरंभ किया कुछ भी टिकता नहीं माना गया — विशेषकर स्वास्थ्य से जुड़ा।
- उद्वेगशाम 5:09 – 6:45दिन
अशांत। सरकारी एवं दफ़्तरी काम इसी में, और उसके सिवा कुछ नहीं।
- शुभशाम 6:45 – रात 8:09रात
मंगल कार्यों एवं विवाह-संबंधी हर काम के लिए शुभ — सगाई, विवाह की तैयारी, दूसरे पक्ष से भेंट।
- अमृतरात 8:09 – 9:33रात
आठों में सर्वश्रेष्ठ। कोई भी कार्य आरंभ किया जा सकता है — यात्रा, ख़रीद, पहली भेंट, औषधि।
- चररात 9:33 – 10:57रात
चलायमान। यात्रा, और हर वह काम जो एक स्थान से दूसरे तक जाना हो।
- रोगरात 10:57 – 12:21रात
बचें। इसमें आरंभ किया कुछ भी टिकता नहीं माना गया — विशेषकर स्वास्थ्य से जुड़ा।
- कालरात 12:21 – 1:46रात
बचें। इसमें आरंभ किया धन-कार्य जुड़ता नहीं, बिखरता है।
- लाभरात 1:46 – 3:10रात
लाभ के लिए: व्यापार, नया उद्यम, बकाया माँगना, कुछ नया सीखना आरंभ करना।
- उद्वेगरात 3:10 – सुबह 4:34रात
अशांत। सरकारी एवं दफ़्तरी काम इसी में, और उसके सिवा कुछ नहीं।
- शुभसुबह 4:34 – 5:58रात
मंगल कार्यों एवं विवाह-संबंधी हर काम के लिए शुभ — सगाई, विवाह की तैयारी, दूसरे पक्ष से भेंट।
यह कैसे निकाला गया
- सूर्योदय
- सुबह 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:45
- अगला सूर्योदय
- सुबह 5:58
- दिन का स्वामी
- सूर्य
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का उजाला आठ बराबर भागों में — इस दिन प्रत्येक 96 मिनट का — और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात आठ में, प्रत्येक 84 मिनट। दोनों की लंबाई अलग है क्योंकि दिन और रात अलग हैं। कौन-सा भाग किस नाम का होगा, यह वार से तय होता है।
दिल्ली के लिए गणना — अपने सूर्योदय के लिए स्थान की अनुमति दें · Asia/Kolkata
यह आज का आकाश है। आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है?
वही गणना आपके जन्म-क्षण पर — हर भाव, हर ग्रह, हर दशा तिथियों सहित।
