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होरा — ग्रह की घड़ी

दिन का हर घंटा एक ग्रह के अधीन है, उसी क्रम में जो बेबीलोन से अटूट चला आ रहा है — और यही कारण है कि सप्ताह के दिनों के नाम ऐसे हैं। आपके अपने सूर्योदय से गणना, साठ मिनट की बनी-बनाई लकीर से नहीं।

रविवार, 30 अगस्त 2026

अभी चल रही

शुक्र

रात 8:58 – 9:58

किसके लिएसुख, कला, आभूषण एवं वस्त्र, और हर वह काम जो किसी और के साथ आरंभ हो।

इस दिन की सभी होरा

  1. सूर्यसुबह 5:58 – 6:58दिन

    अधिकार, सरकारी कार्य, पिता या वरिष्ठ से व्यवहार, हर वह काम जिसे दिखना हो।

  2. शुक्रसुबह 6:58 – 7:58दिन

    सुख, कला, आभूषण एवं वस्त्र, और हर वह काम जो किसी और के साथ आरंभ हो।

  3. बुधसुबह 7:58 – 8:58दिन

    वाणी, लेखन, हिसाब, अध्ययन, व्यापार, और हर वह संदेश जो ठीक पहुँचना हो।

  4. चंद्रसुबह 8:58 – 9:58दिन

    मन, माता, जल, जल-यात्रा एवं गृह-संबंधी हर कार्य।

  5. शनिसुबह 9:58 – 10:58दिन

    धीमा, टिकाऊ काम — मरम्मत, श्रम, लोहा, और वे चीज़ें जो प्रसन्न नहीं, स्थायी होनी हों।

  6. गुरुसुबह 10:58 – 11:58दिन

    शिक्षा, अनुष्ठान, परामर्श, विवाह की बात, ख़र्च नहीं — बचत।

  7. मंगलसुबह 11:58 – दोपहर 12:58दिन

    पराक्रम, भूमि, विवाद, शल्य-क्रिया, हर वह काम जिसे बल से करना हो।

  8. सूर्यदोपहर 12:58 – 1:58दिन

    अधिकार, सरकारी कार्य, पिता या वरिष्ठ से व्यवहार, हर वह काम जिसे दिखना हो।

  9. शुक्रदोपहर 1:58 – 2:58दिन

    सुख, कला, आभूषण एवं वस्त्र, और हर वह काम जो किसी और के साथ आरंभ हो।

  10. बुधदोपहर 2:58 – 3:58दिन

    वाणी, लेखन, हिसाब, अध्ययन, व्यापार, और हर वह संदेश जो ठीक पहुँचना हो।

  11. चंद्रदोपहर 3:58 – शाम 4:58दिन

    मन, माता, जल, जल-यात्रा एवं गृह-संबंधी हर कार्य।

  12. शनिशाम 4:58 – 5:58दिन

    धीमा, टिकाऊ काम — मरम्मत, श्रम, लोहा, और वे चीज़ें जो प्रसन्न नहीं, स्थायी होनी हों।

  13. गुरुशाम 5:58 – 6:58दिन

    शिक्षा, अनुष्ठान, परामर्श, विवाह की बात, ख़र्च नहीं — बचत।

  14. मंगलशाम 6:58 – 7:58रात

    पराक्रम, भूमि, विवाद, शल्य-क्रिया, हर वह काम जिसे बल से करना हो।

  15. सूर्यशाम 7:58 – रात 8:58रात

    अधिकार, सरकारी कार्य, पिता या वरिष्ठ से व्यवहार, हर वह काम जिसे दिखना हो।

  16. शुक्ररात 8:58 – 9:58रात

    सुख, कला, आभूषण एवं वस्त्र, और हर वह काम जो किसी और के साथ आरंभ हो।

  17. बुधरात 9:58 – 10:58रात

    वाणी, लेखन, हिसाब, अध्ययन, व्यापार, और हर वह संदेश जो ठीक पहुँचना हो।

  18. चंद्ररात 10:58 – 11:58रात

    मन, माता, जल, जल-यात्रा एवं गृह-संबंधी हर कार्य।

  19. शनिरात 11:58 – 12:58रात

    धीमा, टिकाऊ काम — मरम्मत, श्रम, लोहा, और वे चीज़ें जो प्रसन्न नहीं, स्थायी होनी हों।

  20. गुरुरात 12:58 – 1:58रात

    शिक्षा, अनुष्ठान, परामर्श, विवाह की बात, ख़र्च नहीं — बचत।

  21. मंगलरात 1:58 – 2:58रात

    पराक्रम, भूमि, विवाद, शल्य-क्रिया, हर वह काम जिसे बल से करना हो।

  22. सूर्यरात 2:58 – 3:58रात

    अधिकार, सरकारी कार्य, पिता या वरिष्ठ से व्यवहार, हर वह काम जिसे दिखना हो।

  23. शुक्ररात 3:58 – सुबह 4:58रात

    सुख, कला, आभूषण एवं वस्त्र, और हर वह काम जो किसी और के साथ आरंभ हो।

  24. बुधसुबह 4:58 – 5:58रात

    वाणी, लेखन, हिसाब, अध्ययन, व्यापार, और हर वह संदेश जो ठीक पहुँचना हो।

यह कैसे निकाला गया

सूर्योदय
सुबह 5:58
सूर्यास्त
शाम 6:45
अगला सूर्योदय
सुबह 5:58
दिन का स्वामी
सूर्य

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय चौबीस बराबर भागों में बाँटा गया — इस दिन प्रत्येक 60 मिनट का। पहली होरा दिन के स्वामी की, फिर कैल्डियन क्रम में एक-एक क़दम: शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। चौबीस घंटे बाद क्रम तीन स्थान आगे पहुँचता है — यही कारण है कि रविवार के बाद सोमवार आता है।

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