धनु राशिफल
27 अगस्त 2026 का राशिफल
आज
आज चंद्रमा आपके तीसरे भाव से गुज़र रहा है, जिससे साहस और बातचीत सामने आते हैं। शुक्र आपके दसवें भाव पर अनुकूल है, जिससे सुख, प्रेम और आराम के रास्ते खुलते हैं। काम और रिश्ते दोनों साथ दे रहे हैं — अपने मन की सुनिए। सुबह की एक छोटी प्रार्थना पूरा दिन शांत और आशा भरा रखती है।
- प्रेम और अपने लोग
- एक कठोर ग्रह आज आपके साझेदारी भाव से गुज़र रहा है। कुछ बिगड़ा नहीं है — बस आज एक तीखी बात कहने से रुक जाइए।
- क्या करें
- संदेश लिख लीजिए, भेजने से पहले एक बार और पढ़ लीजिए।
- आज का उपाय
- मंदिर में या किसी बड़े को थोड़ी हल्दी या चने की दाल अर्पित करें।
किससे गणना: चंद्र → 3 · शुक्र → 10 · गुरु → 8 · शनि → 4 (भाव)
शुभ रंग: सुनहरा पीलाअंक: 6
यह राशि है क्या
धनु राशिचक्र की 9वीं राशि है, जिसका स्वामी गुरु है। यह अग्नि तत्व की और द्विस्वभाव स्वभाव की राशि है — इन्हीं दो बातों से इसका अधिकांश स्वभाव समझ आ जाता है।
अग्नि तत्व की होने के कारण धनु पहले कर्म, फिर विचार — तेज़, गर्म, देरी से चिढ़ने वाला। द्विस्वभाव होने से यह ढलता है — एक साथ दो दिशाओं में चलता है, यही इसका गुण भी है और कठिनाई भी। इसका स्वामी गुरु इस पर अपना रंग और चढ़ाता है, और असली कुंडली में स्वामी की स्थिति तय करती है कि इसमें से कितना वास्तव में दिखेगा।
- स्वामी
- गुरु
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव
- द्विस्वभाव
इस राशि के नक्षत्र
- Mula
- Purva Ashadha
- Uttara Ashadha(अगली राशि से साझा)
इसे पढ़ने से पहले एक बात जान लीजिए: वैदिक ज्योतिष में आपकी राशि वह है जहाँ जन्म के समय चंद्रमा था — वह नहीं जो तारीख़ों की सूची से निकलती है। चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में राशि बदलता है, इसलिए तारीख़ वाली सूची संयोग से सही होती है, नियम से नहीं — ज़्यादातर लोग जीवन भर ग़लत राशि पढ़ते रहते हैं।
यह राशि है, आपकी कुंडली नहीं
राशिफल एक साथ दुनिया के बारहवें हिस्से के लिए लिखा जाता है। आपकी अपनी कुंडली आपकी तारीख़, सटीक समय और जगह से बनती है — और वह वो बताती है जो कोई राशि-स्तंभ नहीं बता सकता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धनु राशि का स्वामी कौन है?
- धनु का स्वामी गुरु है। कुंडली में गुरु जहाँ भी बैठा हो, इस राशि के विषय अपने साथ ले जाता है।
- धनु में कौन-से नक्षत्र आते हैं?
- Mula, Purva Ashadha, Uttara Ashadha — हर नक्षत्र 13°20' का होता है, इसलिए एक राशि में सवा दो नक्षत्र आते हैं और किनारे वाले पड़ोसी राशि से साझा होते हैं।
- क्या मेरी राशि और सन-साइन एक ही हैं?
- इसे पढ़ने से पहले एक बात जान लीजिए: वैदिक ज्योतिष में आपकी राशि वह है जहाँ जन्म के समय चंद्रमा था — वह नहीं जो तारीख़ों की सूची से निकलती है। चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में राशि बदलता है, इसलिए तारीख़ वाली सूची संयोग से सही होती है, नियम से नहीं — ज़्यादातर लोग जीवन भर ग़लत राशि पढ़ते रहते हैं।
