36 में से 8 अंक

नाड़ी दोष — अष्टकूट मिलान में 8 अंक

नाड़ी दोष दोनों के जन्म नक्षत्र की नाड़ी — आठों में सबसे भारी देखता है। कुल 8 अंक, और 729 नक्षत्र-जोड़ों में 33% को शून्य मिलता है।

नाड़ी दोष अष्टकूट गुण मिलान के आठ कूटों में 8वाँ है और इसके 8 अंक हैं, कुल 36 में से। यह दोनों के जन्म नक्षत्र की नाड़ी — आठों में सबसे भारी. सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 संभव जोड़ों में से 243 को इसमें शून्य मिलता है — यानी 33%। शास्त्र इसके निवारण मानते हैं, जो नीचे दिए हैं।

यह कूट क्या देखता है

यह कूट दोनों के जन्म नक्षत्र की नाड़ी — आठों में सबसे भारी — इसी पर इसके 8 अंक टिके हैं।

पूरी अंक-तालिका

AadiMadhyaAntya
Aadi088
Madhya808
Antya880

किसी भी क्रम में पढ़िए — इस कूट की तालिका सममित है।

किस अंक पर कितने जोड़े

8 / 8486 जोड़े67%
0 / 8243 जोड़े33%

सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 जोड़ों पर — गिना हुआ, कहीं से लिया हुआ नहीं।

पूरे अंक कब मिलते हैं

अलग-अलग नाड़ी — Aadi और Madhya — इसलिए पूरे आठ अंक।

शून्य कब आता है

दोनों नक्षत्र Aadi नाड़ी के हैं। शास्त्र इसी कूट को सबसे भारी मानते हैं — आठ अंक — और परंपरा इसे अनुकूलता से अधिक स्वास्थ्य एवं संतान का विषय मानती है। इसके मान्य निवारण हैं, जो नीचे दिए हैं।

किन जोड़ों को शून्य मिलता है

  • AadiAadi
  • MadhyaMadhya
  • AntyaAntya

तालिका में से निकालकर, क्योंकि मिलान पढ़ने वाला सबसे पहले यही ढूँढता है।

मान्य निवारण

  • नाड़ी दोष का निवारण: दोनों की चंद्र राशि एक है और नक्षत्र अलग।
  • नाड़ी दोष का निवारण: दोनों चंद्र राशियों का स्वामी एक ही ग्रह है।

नाम लेकर, चुपचाप लगाए बिना — औज़ार बताता है कि किसी जोड़े पर कौन-सा निवारण लगा।

कौन-सा नक्षत्र किस वर्ग में

Aadi · 9

Ashwini, Ardra, Punarvasu, Uttara Phalguni, Hasta, Jyeshtha, Mula, Shatabhisha, Purva Bhadrapada

Madhya · 9

Bharani, Mrigashira, Pushya, Purva Phalguni, Chitra, Anuradha, Purva Ashadha, Dhanishta, Uttara Bhadrapada

Antya · 9

Krittika, Rohini, Ashlesha, Magha, Swati, Vishakha, Uttara Ashadha, Shravana, Revati

सामान्य प्रश्न

नाड़ी दोष के कितने अंक होते हैं?
8 अंक, कुल 36 में से — आठों कूटों में सबसे ज़्यादा।
कितने जोड़ों को इसमें शून्य मिलता है?
27 नक्षत्रों के 729 संभव जोड़ों में से 243 को — यानी 33%।
क्या यह लड़के और लड़की के लिए एक जैसा है?
हाँ। इस कूट की तालिका दोनों तरफ़ से एक जैसी पढ़ी जाती है, इसलिए क्रम बदलने से अंक नहीं बदलते।
नाड़ी दोष में कितने अंक चाहिए?
शास्त्र किसी एक कूट पर सीमा नहीं रखते — सीमा कुल 36 में से 18 पर है। पर इस कूट का शून्य अलग से दोष माना जाता है, और उसके निवारण भी हैं।
नाड़ी दोष कैसे पता करें?
यह आपके जन्म के चंद्रमा से आता है — नक्षत्र से। ऊपर की सूची में अपना नक्षत्र देखिए, या कुंडली बनाकर सीधे पढ़ लीजिए।

अष्टकूट केवल दोनों के चंद्रमाओं की तुलना करता है। यह मांगलिक दोष, सप्तम भाव, नवांश या दोनों की चल रही दशाएँ नहीं देखता।

दो कुंडलियाँ मिलाइए

मिलान औज़ार दोनों कुंडलियों पर आठों कूट चलाता है और हर अंक का आधार छापता है — निवारण भी, नाम लेकर, चुपचाप लगाए बिना।

कुंडली मिलान खोलिए

आठों कूट