36 में से 1 अंक

वर्ण कूट — अष्टकूट मिलान में 1 अंक

वर्ण कूट क्या दोनों की प्रकृति साथ चल सकती है देखता है। कुल 1 अंक, और 729 नक्षत्र-जोड़ों में 37% को शून्य मिलता है।

वर्ण कूट अष्टकूट गुण मिलान के आठ कूटों में 1वाँ है और इसके 1 अंक हैं, कुल 36 में से। यह क्या दोनों की प्रकृति साथ चल सकती है. सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 संभव जोड़ों में से 270 को इसमें शून्य मिलता है — यानी 37%। इस कूट का कोई शास्त्रीय निवारण नहीं है।

यह कूट क्या देखता है

यह कूट क्या दोनों की प्रकृति साथ चल सकती है — इसी पर इसके 1 अंक टिके हैं।

पूरी अंक-तालिका

KshatriyaVaishyaShudraBrahmin
Kshatriya1110
Vaishya0110
Shudra0010
Brahmin1111

पंक्ति वर की, स्तंभ वधू का। इस कूट की तालिका असममित है, इसलिए क्रम मायने रखता है।

किस अंक पर कितने जोड़े

1 / 1459 जोड़े63%
0 / 1270 जोड़े37%

सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 जोड़ों पर — गिना हुआ, कहीं से लिया हुआ नहीं।

पूरे अंक कब मिलते हैं

दोनों की वर्ण-स्थिति ठीक बैठती है — Kshatriya और Kshatriya।

शून्य कब आता है

कन्या का वर्ण (Brahmin) वर के वर्ण (Kshatriya) से ऊपर है, इसलिए इस कूट में शून्य। यह आठों में सबसे हल्का है और प्रायः छोड़ दिया जाता है।

किन जोड़ों को शून्य मिलता है

  • KshatriyaBrahmin
  • VaishyaKshatriya
  • VaishyaBrahmin
  • ShudraKshatriya
  • ShudraVaishya
  • ShudraBrahmin

तालिका में से निकालकर, क्योंकि मिलान पढ़ने वाला सबसे पहले यही ढूँढता है।

कौन-सा राशि किस वर्ग में

Brahmin · 3

Cancer, Scorpio, Pisces

Kshatriya · 3

Aries, Leo, Sagittarius

Vaishya · 3

Taurus, Virgo, Capricorn

Shudra · 3

Gemini, Libra, Aquarius

सामान्य प्रश्न

वर्ण कूट के कितने अंक होते हैं?
1 अंक, कुल 36 में से — आठों कूटों में सबसे कम।
कितने जोड़ों को इसमें शून्य मिलता है?
27 नक्षत्रों के 729 संभव जोड़ों में से 270 को — यानी 37%।
क्या यह लड़के और लड़की के लिए एक जैसा है?
नहीं। इस कूट की तालिका असममित है — क्रम बदलने से अंक बदल सकता है, और शास्त्र में यही नियम है। ऊपर की तालिका में पंक्ति वर लिए है और स्तंभ वधू के लिए।
वर्ण कूट में कितने अंक चाहिए?
शास्त्र किसी एक कूट पर सीमा नहीं रखते — सीमा कुल 36 में से 18 पर है। इस कूट का अकेला शून्य दोष नहीं कहलाता।
वर्ण कूट कैसे पता करें?
यह आपके जन्म के चंद्रमा से आता है — राशि से। ऊपर की सूची में अपना राशि देखिए, या कुंडली बनाकर सीधे पढ़ लीजिए।

अष्टकूट केवल दोनों के चंद्रमाओं की तुलना करता है। यह मांगलिक दोष, सप्तम भाव, नवांश या दोनों की चल रही दशाएँ नहीं देखता।

दो कुंडलियाँ मिलाइए

मिलान औज़ार दोनों कुंडलियों पर आठों कूट चलाता है और हर अंक का आधार छापता है — निवारण भी, नाम लेकर, चुपचाप लगाए बिना।

कुंडली मिलान खोलिए

आठों कूट