36 में से 3 अंक

तारा कूट — अष्टकूट मिलान में 3 अंक

तारा कूट दोनों के जन्म नक्षत्र एक-दूसरे से किस गणना पर पड़ते हैं देखता है। कुल 3 अंक, और 729 नक्षत्र-जोड़ों में 0% को शून्य मिलता है।

तारा कूट अष्टकूट गुण मिलान के आठ कूटों में 3वाँ है और इसके 3 अंक हैं, कुल 36 में से। यह दोनों के जन्म नक्षत्र एक-दूसरे से किस गणना पर पड़ते हैं. सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 संभव जोड़ों में से 0 को इसमें शून्य मिलता है — यानी 0%, यानी इस कूट में कोई जोड़ा शून्य नहीं पाता। इस कूट का कोई शास्त्रीय निवारण नहीं है।

यह कूट क्या देखता है

यह कूट दोनों के जन्म नक्षत्र एक-दूसरे से किस गणना पर पड़ते हैं — इसी पर इसके 3 अंक टिके हैं।

पूरी अंक-तालिका

123456789
13
23
31.5
41.5
51.5
61.5
71.5
81.5
93

किसी भी क्रम में पढ़िए — इस कूट की तालिका सममित है।

किस अंक पर कितने जोड़े

3 / 3243 जोड़े33%
1.5 / 3486 जोड़े67%

सत्ताईस नक्षत्रों के सभी 729 जोड़ों पर — गिना हुआ, कहीं से लिया हुआ नहीं।

पूरे अंक कब मिलते हैं

एक-दूसरे के नक्षत्र से गिनने पर दोनों ओर अशुभ तारा नहीं पड़ती।

सामान्य प्रश्न

तारा कूट के कितने अंक होते हैं?
3 अंक, कुल 36 में से — आठों कूटों में 3वें स्थान पर।
कितने जोड़ों को इसमें शून्य मिलता है?
27 नक्षत्रों के 729 संभव जोड़ों में से 0 को — यानी 0%।
क्या यह लड़के और लड़की के लिए एक जैसा है?
हाँ। इस कूट की तालिका दोनों तरफ़ से एक जैसी पढ़ी जाती है, इसलिए क्रम बदलने से अंक नहीं बदलते।
तारा कूट में कितने अंक चाहिए?
शास्त्र किसी एक कूट पर सीमा नहीं रखते — सीमा कुल 36 में से 18 पर है। इस कूट का अकेला शून्य दोष नहीं कहलाता।

अष्टकूट केवल दोनों के चंद्रमाओं की तुलना करता है। यह मांगलिक दोष, सप्तम भाव, नवांश या दोनों की चल रही दशाएँ नहीं देखता।

दो कुंडलियाँ मिलाइए

मिलान औज़ार दोनों कुंडलियों पर आठों कूट चलाता है और हर अंक का आधार छापता है — निवारण भी, नाम लेकर, चुपचाप लगाए बिना।

कुंडली मिलान खोलिए

आठों कूट